राज्य सरकार के प्रयासों से श्रमिकों के जीवन में आ रहा है बदलाव

श्रम विभाग की 25 वर्षों की उपलब्धियाँ

छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय श्रम विभाग के अंतर्गत केवल 9 जिलों में श्रम कार्यालय और 4 जिलों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा कार्यालय संचालित थे। वर्तमान में राज्य के सभी 33 जिलों में श्रम कार्यालय तथा 10 जिलों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा कार्यालय कार्यरत हैं। वर्ष 2008 से रायपुर में औद्योगिक स्वच्छता प्रयोगशाला (Industrial Hygiene Lab) की स्थापना भी की गई है।

राज्य गठन के उपरांत वर्ष 2008 में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा वर्ष 2011 में छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन किया गया। दोनों मंडलों में श्रमिकों के पंजीकरण, नवीनीकरण और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवेदन की सुविधा विभागीय पोर्टल एवं श्रमेव जयते मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है। योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों को प्रदान किया जा रहा है।

श्रमिक पंजीकरण एवं आर्थिक लाभ

31 जुलाई 2025 तक विभागीय मंडलों में कुल 52,75,618 श्रमिक पंजीकृत हैं —

  • श्रम कल्याण मंडल: 5,41,920 संगठित श्रमिक
  • भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल: 30,21,624 निर्माण श्रमिक
  • असंगठित कर्मकार मंडल: 17,12,074 असंगठित श्रमिक

राज्य गठन से अब तक 57,24,745 श्रमिकों को कुल ₹23 अरब 70 करोड़ 24 लाख 56 हजार 757 की राशि से लाभान्वित किया गया है।

श्रमिक सहायता केंद्र

श्रमिकों की शिकायतों, हितलाभ संरक्षण एवं सहयोग के लिए रायपुर में मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र 24×7 संचालित है। सभी जिलों एवं विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केंद्र कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से 31 जुलाई 2025 तक 84,810 श्रमिकों को पंजीकरण एवं योजनाओं में सहायता प्रदान की गई।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कारखानों, दुकानों, ठेकेदारों और श्रमिक मंडलों से संबंधित सभी प्रक्रियाएं — पंजीकरण, नवीनीकरण, संशोधन आदि — पूर्णतः ऑनलाइन की जा रही हैं। सभी अभिलेखों के डिजिटल संधारण और वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने की सुविधा भी पोर्टल एवं मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है।

ई-गवर्नेंस में राष्ट्रीय सम्मान

भारत सरकार के कार्मिक एवं लोक शिकायत मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2020-21 में छत्तीसगढ़ श्रम विभाग को “ई-श्रमिक सेवा” के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार एवं ₹2 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

साथ ही प्रवासी श्रमिकों के संरक्षण हेतु 19 जुलाई 2021 से छत्तीसगढ़ राज्य प्रवासी श्रमिक नीति 2020 लागू की गई, जिसके तहत पलायन पंजी का ऑनलाइन संधारण किया जा रहा है।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार 8 जनवरी 2025 से अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना प्रारंभ की गई। इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा की सुविधा दी जा रही है। वर्तमान में 100 विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त हो रही है।
इसके अतिरिक्त निर्माण श्रमिकों को अपने आवास क्रय या निर्माण हेतु ₹1 लाख की एकमुश्त सहायता राशि दी जा रही है। 31 जुलाई 2025 तक 2,278 श्रमिकों को यह लाभ प्रदान किया गया है।

पेंशन एवं भोजन योजनाएँ

10 वर्ष पूर्व पंजीकृत 60 वर्ष से अधिक आयु वाले 37 श्रमिकों को ₹1,500 मासिक पेंशन दी जा रही है।
शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों को ₹5 में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह योजना 17 जिलों में 37 केंद्रों के माध्यम से संचालित है, जहाँ प्रतिदिन लगभग 8,000 श्रमिक भोजन प्राप्त करते हैं।

कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएँ

राज्य निर्माण के समय सीमित क्षेत्रों तक सीमित कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI) को अब 15 जिलों के संपूर्ण क्षेत्रों और 17 जिलों के नगरीय निकायों में विस्तारित किया गया है।
राज्य गठन के समय 30,000 बीमित श्रमिक थे, जो अब बढ़कर 6,25,000 से अधिक हो गए हैं।

राज्य में औषधालयों की संख्या 6 से बढ़कर 42 हो गई है, साथ ही रायपुर, कोरबा, भिलाई और रायगढ़ में 100-बिस्तर वाले अस्पताल स्थापित किए गए हैं।

वर्ष 2014 से बीमित श्रमिकों के लिए कैशलेस सेकेंडरी केयर चिकित्सा सुविधा प्रारंभ की गई, और वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ कर्मचारी राज्य बीमा सोसायटी का गठन कर शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित की गईं।

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